सांकेतिक तस्वीर
एक महिला सेना अधिकारी ने जनवरी में आयोजित टाटा मुंबई मैराथन के दौरान एक लेफ्टिनेंट कर्नल पर उनका पीछा (स्टॉकिंग) करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारी द्वारा ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के बाद यह मामला आजाद मैदान पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया। शिकायत के आधार पर पहले कोलकाता में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई थी।
शिकायतकर्ता लुधियाना की रहने वाली हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। आरोपी की तरह वह भी लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर कार्यरत हैं। आजाद मैदान पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “शिकायतकर्ता एकल माता (सिंगल मदर) हैं। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सितंबर 2025 और सितंबर 2023 में देहरादून में भी पीछा करने और उत्पीड़न के आरोपों में मामले दर्ज कराए थे।”
यह शिकायत 18 जनवरी 2026, यानी मैराथन वाले दिन दर्ज की गई। शिकायत के अनुसार, फिनिश लाइन पार करने के बाद महिला अधिकारी की आरोपी से अचानक मुलाकात हो गई। आरोपी भीड़ से निकलकर उनके पास आने, उनका उत्साहवर्द्धन करने और उनसे बातचीत करने की कोशिश करने लगा। पहले भी आरोपी के साथ हुए अनुभवों को देखते हुए महिला अधिकारी घबरा गईं और उससे बातचीत से बचने के लिए आगे बढ़ गईं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल पहले भी सोशल मीडिया पर शिकायतकर्ता के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट कर चुका है, जिससे वह असहज महसूस करती थीं। महिला अधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी के व्यवहार से उन्हें भय, मानसिक तनाव और लगातार असुरक्षा की भावना बनी रहती है। उन्हें पंजाब पुलिस द्वारा सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है, लेकिन वह सुरक्षा केवल पंजाब राज्य की सीमा तक ही लागू होती है।
पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमने शिकायतकर्ता का ऑनलाइन बयान स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।”
आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 78 के तहत पीछा करने (स्टॉकिंग) का मामला दर्ज किया गया है।
